Blood donation Day 2019 - wikifeed
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World blood donor day हर 3 महीने में एक बार रक्तदान करना चाहिए।

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World blood donor day हर 3 महीने में एक बार रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान से होते हैं ये फायदे…

(World Blood Donor Day 2019 प्रत्येक वर्ष ये दिन उस महान वैज्ञानिक के जन्मदिन पर मनाया जाता है जिन्हें ब्लड ग्रुप की पहचान करने के लिए चिकित्सा क्षेत्र में नोबल पुरस्कार मिला था।)

आज ब्लड डोनेर डे (Blood Donor Day 2019) जो हर साल दुनियाभर में 14 जून को मनाया जाता है। रक्तदान महादान कहलाता है। इससे न सिर्फ कई लोगों को जीवनदान मिलता है, बल्कि खुद डोनर की लाइफ और हेल्थ के लिए कई फायदे होते हैं।

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रक्तदान Blood donation को ऐसे ही महादान नहीं कहा जाता है। दानकर्ता के लिए इसके कई फायदे हैं। साथ ही रक्त एक ऐसी चीज है, जिसका कोई विकल्प नहीं है। गंभीर बीमारी हो या दुर्घटना में रक्त की कमी से भारत में हर साल 30 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है, जबकि इस कमी को मात्र एक फीसद आबादी रक्तदान Blood donation कर पूरा कर सकती है। भारत में हर साल 1 करोड़ ब्लड यूनिट की जरूरत पड़ती है। सोचिए, अगर कोई ब्लड ही डोनेट न करे तो फिर इस ब्लड की भरपाई कहां से होगी? इसलिए रक्तदान बहुत जरूरी है। सिर्फ इसीलिए ही नहीं बल्कि इसके कई फायदे भी होते हैं।

हैरानी की बात है कि विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाला देश होने के बावजूद भारत रक्तदान Blood donation 2019 में काफी पीछे है। यहां तक कि हमारे पड़ोसी देश भी इस महादान में हमसे बहुत आगे हैं। रक्त Blood की कमी को खत्म करने के लिए दुनिया भार में 14 जून 2019 को विश्व रक्तदान दिवस (World Blood Donor Day) मनाया जाता है। आइये जानते हैं इस मौके पर रक्तदान से जुड़ी कुछ अहम जानकारी, जो हमें इसके बारे में सोचने पर मजबूर करती है।

रक्तदान करने के फायदे (Benefits of donating blood)

Blood donation Day 2019 - wikifeed

  • हर 3 महीने में एक बार ब्लड डोनेट करना चाहिए। इससे में आयरन की मात्रा ठीक बनी रहती है और दिल की बीमारियां भी दूर रहती हैं।
  • ब्लड डोनेशन से आप लंबे वक्त तक जवां बने रहते हैं और स्ट्रोक व हार्ट अटैक से भी बचाव होता है।
  • ब्लड डोनेशन से मानसिक संतुष्टि भी मिलती है क्योंकि आपके द्वारा डोनेट किए गए ब्लड से कम से कम 2-3 लोगों को नया जीवन दान मिलता है जिसे खुशी और मानसिक संतुष्टि का अहसास होता है।
  • ब्लड डोनेशन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है, जिसकी वजह से हमारा शरीर कई तरह की बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है।
  • रक्तदान से शरीर में नई लाल रक्त कोशिकाएं बनती हैं
  • ये रक्त प्रवाह को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है
  • रक्तदान करने से ब्लड प्रेशर के असामान्य रहने की समस्या नहीं होती
  • रक्तदान से हृदय संबंधित बीमारियां कम होती हैं
  • रक्तदान करने से दूसरों के प्रति मदद करने की भावना जागृत होती है

World Blood Donor Day इसलिए मनाया जाता है

विश्व रक्तदान दिवस (World Blood Donor Day), शरीर विज्ञान में नोबल पुरस्कार प्राप्त कर चुके वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन (Scientist Carl Landstein) की याद में पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य रक्तदान को प्रोत्साहित करना और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। इसी दिन 14 जून 1868 को वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाईन का जन्म हुआ था। उन्होंने इंसानी रक्त में एग्ल्युटिनिन की मौजूदगी के आधार पर ब्लड ग्रुप ए, बी और ओ समूह की पहचान की थी। खून के इस वर्गीकरणम ने चिकित्सा विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी खोज के लिए कार्ल लैंडस्टाईन (Carl Landstein) को सन 1930 में नोबल पुरस्कार दिया गया था।

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एक प्रतिशत भारतीय ही करते हैं रक्तदान

देश की 50 करोड़ जनसंख्या रक्तदान के योग्य है। लेकिन एक प्रतिशत भारतीय ही रक्तदान करते हैं। हर साल करीब 20 लाख यूनिट खून की कमी से कई लोगों की जान चली जाती है।

05 करोड़ यूनिट खून की जरूरत पड़ती है देश में हर साल। हर रोज 1200 सड़क हादसे, हर साल 06 करोड़ ट्रॉमा ऑपरेशन, 2.5 करोड़ बड़े ऑपरेशन समेत कैंसर, प्रेग्नेंसी के कई मामलों में खून की जरूरत होती है।

03 लोगों की जिंदगी बच सकती है, एक बार रक्तदान करने से। हमारे यहां 80 प्रतिशत रक्तदान स्वयंसेवियों द्वारा किया जाता है। रक्तदान से हृदयरोगों व कैंसर का खतरा कम होता है। इम्यूनिटी बढ़ती है।

कौन कर सकता है रक्तदान

18 से 25 आयु वर्ग के लोग, वजन कम से कम 50 किलो होना चाहिए।

हृदय गति दर: 50 से 100 बिना रुकावट

हीमोग्लोबिन का स्तर: 12.5 जी/डीएल या इससे ऊपर।

ब्लड प्रेशर: डायस्टोलिक: 50-100 एमएम एचजी, सिस्टोलिक: 100 से 180 एमएम एचजी

मधुमेह, बीपी व अन्य रोगों से मुक्त

रक्तदान करना चाहते हैं तो इन पर ध्यान दें

आपने पिछले 48 घंटे में यदि दवाइयां ली हैं तो इसकी जानकारी डाक्टर को जरूर दें

रक्तदान करने से पहले हल्का भोजन जरूर लें

यदि धूम्रपान करते हैं तो रक्तदान करने के एक घंटे पहले तक न करें

यदि शराब पीते हैं तो एक दिन पहले न पीएं

गर्भवती महिलाओं को रक्तदान नहीं करना चाहिए

यदि कोई टैटू बनवाया है तो रक्तदान से परहेज करें

रक्तदान के बाद 15-20 मिनट तक आराम करें

सिर्फ 10 फीसदी महिलाएं कर पाती हैं रक्तदान

रक्तदान और बढ़ सकता है, लेकिन महिलाएं चाहकर भी रक्तदान नहीं कर पा रही हैं। वजह, वे मेडिकली फिट नहीं मिलती हैं। चिकित्सकों के अनुसार स्वैच्छिक रक्तदान में महिलाओं का योगदान करीब 10 फीसद ही रहता है। इसकी सबसे बड़ी वजह उनका हीमोग्लोबिन 12.5 ग्राम से कम होता है, जो रक्तदान के लिए जरूरी है। हीमोग्लोबिन ठीक भी रहा तो वजन बहुत कम या ज्यादा रहता है।

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