Lord Vishnu | wikifeed.in
Information

आज पद्मा एकादशी : आज के दिन भगवान विष्णु बदल रहे हे करवट जो मांगोगे सो मिलेगा

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

 आज के दिन भगवान विष्णु बदल रहे हे करवट जो मांगोगे सो मिलेगा

_______________________________________________________________________________

पद्मा एकादशी : दोस्तों आज का दिन कुछ खास हे। आज पद्मा एकादशी हे ,कहा जाता हे की पद्मा एकदशी यानि ‘आज के दिन’ भगवन विष्णु करवट बदलते हे। इसलिय चुतर्थमाश की सबसे खास दिन माना जाता हे और ये एकादशी हरसाल भाद्र महीने में शुक्लपक्ष में आती हे तो दोस्तों इस दिन भगवन विष्णु ,और माता लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाइए। और यद् आप अपने जीवन में धन और सुख की प्राप्ति चाहते हे तो –

Lord Vishnu 52 avatar | wikifeed.in

आज के दिन भगवान विष्णु और उनके 52 अवतारों की पूजा करना बहुत ही उत्तम माना गया हे ,और इनके साथ -साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करनी चाहये।

एकादशी का महत्व :

lord krishen | wikifeed.in

________________________________________________________________________________

इस एकादशी का महत्व के बारे में पुराणों में बहुत सारे उल्लेख मिलते हे,और इस दिन भगवान विष्णु की बहुत ही प्रसन्ता होती हे ,और इस दिन देवी- देवता भी सुवर्ग के लिए भी व्रत रखते हे पद्मा -पुराण में श्री कृष्ण भगवन ने कहा हे की “एकदशी के दिन भगवन विष्णु के 52 अवतारों के रूप की पूजा करनी चाहये इसलिय करनी चाहये कयोकि इन चार महीने में भगवन विष्णु 52 रूप में पटल में निवाश करते हे”

________________________________________________________________________________

राजा बली :

 King Bali | wikifeed.in

दोस्तों पुराणों में बताया गया हे की जब राजा बली से भगवन विष्णु ने उनका सब कुछ एक ही पग में छीन लिया था और तब राजा बलि ने भगवन विष्णु के 52 अवतारों में पहचान लिए थे ,और तब भगवन विष्णु उनसे प्र्शन हुए और राजा बलि से वरदान मांगने को कहा “और बोले हे राजन में तुम से बहुत ही प्रश्न हु बोलो राजन किया वरदान मागो गे ,तो तब राजा बली ने कहा की हे प्रभु टुम मुज से सब कुछ लेलो पर तुम मेरे साथ पाताल लोक में निवास करो !

और इसके बाद भगवान विष्णु राजा बलि के साथ चतृर्थमार्श में पाताल में निवास करने चले जाते हेऔर इसके बाद माता लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को पाताल से मुक्त करया था।

तो दोस्तों भगवान विष्णु हर साल पाताल में निवास करते हे और पुराणों में उल्लेख किया गया हे की जो भी व्यक्ति पद्मा एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु और उन 52 अवतारों सहित -माता लक्ष्मी की पूजा करता हे उसे सुवर्ग का फल प्राप्त होगा और इस व्रत करने से म्रत्यु के बाद कोई भी कस्ट नहीं भोगने पड़ते हे ,

________________________________________________________________________________

और श्री भगवान विष्णु ने कहा ” हे की जो आज के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी ल तथा विष्णु जी के 52 अवतारों की पूजा करता हे वो व्यक्ति भगवन ब्रह्मा और भगवान शिव की पूजा का भी फल को एक साथ ही प्राप्त क्र लेता हे और वो व्यक्ति पृथ्वी लोक पर यश और समान को भी प्राप्त कर लेता हे और म्रत्यु के बाद सुवर्ग में चन्द्रमा के समान चमकता हे “

________________________________________________________________________________

कैसे रखना हे ये व्रत :

सुबह -सुबह इस्नान करने के बाद बड़े नियम होता हे की जैसे :-गेहू ,उड़द ,मुंग ,चना ,जो ,चावल ,और मसूर भरना चाहये दोस्तों सात घडो में न भर सके तो दोस्तों छोटी -छोटी सात कटोरिया लेले जितनी आपकी पॉकेट अलोव करती हे आप उतना ले और उनके ऊपर भगवान विष्णु या 52 रूपों की चित्र की स्थापना करे यदि आप चाहये तो छोटी -छोटी 10 सुपरिया भी रख सकते है। भगवान विष्णु का ध्यान करके और भगवान विष्णु का रात्रि में जाप करना चाहये और कीर्तन भी करना चाहये ,जब आप व्रत करते हे तो आपको किसी भरे हुवे अनाज का सेवन नहीं करना हे ताम्बा ,चाँदी। या दही किसी भी एक वस्तु को किसी गरीब को दान करना हे। और जो भी अपने 7 घडो में अनाज भर कर रखा हे वो भी आपको किसी ब्राह्मण या गरीब और अनाथ आश्रम में दान करना चाहये और इसके बाद भगवान विष्णु और उनके 52 रूपों के नियम का पालन करना चाहये और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहये।

और पद्मा एकादशी बली राजा के लिए मनाई जाती हे कयोकि राजा बली ने भगवान विष्णु को अपने वश में क्र लिया था देवताओ ने भी अपना खोया हुवा राज इस व्रत को रखने से ही पाया और लछमी का पूजन भी इसी दिन किया जाना चाहये 52 अवतारों का फल 5 यग से प्राप्त होता हे और सुवर्ग। मोक्छ की प्राप्ति होती हे। पापो का विनाश होता हे और ये व्रत सर्वोत्तम माना जाता हे तो दोस्तों यदि आप अपना खोया हुवा कोई भी धन ,नौकरी या कुछ भी वस्तु पाना चाहते हे तो भगवान विष्णु के 52 अवतारों की पूजा करना अनिवार्य हे।

और यदि आप दो कपूर से भगवान विष्णु और माता लछमी की पूजा करते हे तो आपका भागय चमक जाता हे।

________________________________________________________________________________

भगवान विष्णु के किस तरह पूजा करनी चाहये :

इस दिन भगवान श्री विष्णु की पूजा को किस तरह करते हे भगवान विष्णु की पूजा के लिए एक कमल के फूल से भगवान विष्णु के 52 अवतारों की पूजा करनी चाहये ऐसा करने से उस व्यक्ति की सभी मनोकामनाय पूर्ण होती हे।

दान करना अधिक उत्तम :

इस दिन भगवान विष्णु का नाम लेकर जो भी दान करता हे वह बहुत ही उत्तम माना जाता हे भगवान विष्णु के दान में चावल ,दही ,यदि आपकी छमता अधिक हे चाँदी का दान करना बहुत ही उत्तम माना गया हे और बहुत ही जरुरी हे।

________________________________________________________________________________

इस दिन नहीं रखता किसी कारण व्रत : उपाय

यदि कोई व्यक्ति किसी कारण इस दिन व्रत नहीं रखता हे तो उस व्यक्ति को कम से कम भगवान विष्णु के 52 रूपों की कथा पढ़नी चाहये और विष्णु राहस का पाठ पड़ना चाहये वह भी अधिक उत्तम होता हे ?

भद्र्पत एक शुक्लपक्ष पद्मा एकादशी ,52 एकादशी ,पद्मा एकादशी, के नाम से इसे लोग जानते हे भद्र्पत शुक्लपक्ष से सुरु होकर 52 एकादशी तक चलता हे दोस्तों और मानयता हे की इस तीन दिनों व्रत से मनुस्य की सभी मनोकामनाय पूर्ण हो जाती हे।

________________________________________________________________________________

Thanks: 

For More Latest Updates Read WikiFeed….

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.