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विराट कोहली:- शुरू से ही टीम इंडिया के कोच पद के लिए रवि शास्त्री को चाहते थे

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विराट के बड़े कद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अमेरिका में हॉलिडे पर होने के कारण गांगुली ने उनसे बात नहीं की।

स्पोर्ट्स डेस्क. रवि शास्त्री टीम इंडिया के हेड कोच बन गए। लेकिन इस सिलेक्शन होने से पहले ड्रामा भी बहुत चला। एडवाइजरी कमेटी ने सोमवार को इंटरव्यू किए। फिर विराट कोहली की राय लेने के बहाने फैसला टाल दिया। मंगलवार दोपहर अचानक शास्त्री के नाम की घोषणा तो हुई लेकिन कुछ ही देर बाद बीसीसीआई ने कहा कि अभी आखिरी फैसला बाकी है। इसके बाद रात में शास्त्री को हेड कोच और जहीर खान को बॉलिंग कोच बनाने का औपचारिक एलान हुआ। ये सारा ड्रामा दो बातों की तरफ इशारा करता है। पहला- कोच सिलेक्शन में विराट की ही चली। क्योंकि अनिल कुंबले के कोच बनने से पहले से ही वे शास्त्री के फेवर में थे। दूसरा- 447 टेस्ट खेल चुके तीन पूर्व प्लेयर्स सचिन-सौरव-लक्ष्मण की एडवाइजरी कमेटी ने फैसला कप्तान पर छोड़कर अपना कद घटा लिया।

सोमवार को मुंबई में (बीसीसीआई) के ऑफिस में इंटरव्यू चले। शाम को कोच के नाम पर फैसला होना था, लेकिन सौरव गांगुली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इसके लिए अभी जल्दबाजी नहीं है। श्रीलंका टूर में अभी टाइम है। हम (सचिन-सौरव-लक्ष्मण की एडवाइजरी कमेटी) ऐसा कोच चाहते हैं तो 2019 वर्ल्ड कप तक टीम को कोच कर सके।

– साथ ही गांगुली ने ये भी कहा कि इस बारे में कुछ लोगों से बात करना अभी बाकी है। इसमें सबसे अहम नाम टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का था। गांगुली ने कहा, ‘विराट को हमें इस बात के लिए क्रेडिट देना चाहिए कि वो इस पूरी प्रॉसेस से दूर रहे। उन्होंने किसी का नाम नहीं सजेस्ट किया। लेकिन विराट से बात करना भी जरूरी है। वो अमेरिका से वापस आ जाएं तभी उनसे बात होगी। उन्हें समझना होगा कि कोच किस तरह ऑपरेट करते हैं।

फिर 24 घंटे में ही क्यों कर दिया एलान?
– सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स यानी COA के प्रमुख विनोद राय ने मंगलवार सुबह बीसीसीआई से कहा कि वे आज ही कोच की घोषणा करें।
– कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा कि सचिन-सौरव-लक्ष्मण कप्तान विराट को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं, जबकि कोच का सिलेक्शन एडवाइजरी कमेटी को करना है न कि कप्तान को।

क्या सचिन-सौरव-लक्ष्मण ने घटाया अपना कद?
– सौरव कहते रहे कि एडवाइजरी कमेटी को कोच का फैसला लेने की जल्दबाजी नहीं है। लेकिन 24 घंटे के अंदर ही रवि शास्त्री के नाम की घोषणा होते ही ये सावल खड़ा हो गया कि अगर विराट के फेवरेट को ही कोच बनाना था तो पहले इसे टाला क्यों गया?

– क्या एडवाइजरी कमेटी की राय कुछ और थी और वो विराट से चर्चा कर मामले को सुलझाना चाहते थे, लेकिन COA प्रमुख विनोद राय के कहने पर जल्दी कोच की घोषणा करनी पड़ी। इस कारण सचिन-सौरव-लक्ष्मण को विराट से चर्चा करने का वक्त ही नहीं मिला।

– सचिन-सौरव-लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों को विराट से पूछने की जरूरत ही क्या थी? एडवाइजरी कमेटी बनाई ही इसीलिए गई थी ताकि वो अपने एक्सपीरियंस के बेस पर टीम के लिए फैसले ले सके।

– सचिन के पास 200, सौरव को 113 और लक्ष्मण को 134 टेस्ट खेलने का एक्सपीरियंस है। 447 टेस्ट खेल चुके ये प्लेयर्स कोच पर फैसले के मामले में विराट के सामने बैकफुट पर आ गए।

तो क्या इसे विराट की जीत माना जाए?
– ये विराट कोहली की बड़ी जीत है। वे शुरू से ही टीम इंडिया के कोच पद के लिए रवि शास्त्री को चाहते थे। यहां तक कि विराट-कुंबले के बीच हुए विवाद में ये बात सामने आई थी कि वो 2016 में ही शास्त्री को कोच बनाने के फेवर में थे, लेकिन तब एडवाइजरी कमेटी ने उनकी बात नहीं मानी थी।

– विराट के बड़े कद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वो अमेरिका में छुट्टियां मना रहे हैं। इसी कारण सौरव गांगुली की उनसे कोच मामले पर बात नहीं हो पाई। इस बारे में गांगुली ने कहा था, ‘फैसले को होल्ड करने का कारण ये है कि विराट अमेरिकी में हॉलिडे पर हैं। कोई उन्हें इस ब्रेक में डिस्टर्ब करना नहीं चाहता। यदि वो फोन पर अवेलेबल रहे तो हम बात करेंगे।’

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