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Prince Pipes IPO opens today: सदस्यता लेने से पहले 10 बातें जानना जरुरी

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प्रिंस पाइप्स (Prince Pipes IPO opens today) और फिटिंग्स अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) में नई इक्विटी से 250 करोड़ रुपये और मौजूदा इक्विटी शेयर्स से …

(Prince Pipes IPO: Prince Pipes is coming up with its maiden IPO, through which it plans to raise Rs 500 crore that consists of a fresh issue and offer for sale of Rs 250 crore each.)

प्रिंस पाइप्स (Prince Pipes IPO) और फिटिंग्स (fittings) अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) में नई इक्विटी से 250 करोड़ रुपये और मौजूदा इक्विटी शेयर्स से भी 250 करोड़ रुपये जुटा रही है। इस रकम का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने और कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। कंपनी ने प्री-IPO प्लेसमेंट से लगभग 106 करोड़ रुपये हासिल किए हैं।

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कंपनी का वैल्यूएशन मल्टीपल इस सेगमेंट की अन्य कंपनियों से तुलना करने पर ठीक दिख रहा है। हालांकि, इसके बिजनेस की ग्रोथ में रुकावटों की आशंका है। कंपनी के प्रमोटर्स के खिलाफ कानूनी मामले चल रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में उनके एक्सपोजर और अन्य देनदारियों के कारण प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है। कंपनी के लिए एक मुश्किल पाइप्स इंडस्ट्री में बहुत अधिक प्रतिस्पर्धा होना भी है। इन कारणों को देखते हुए इनवेस्टर्स को इस IPO को लेकर सतर्कता बरतनी चाहिए।

रियल्टी प्रोजेक्ट्स में फंसे प्रमोटर्स

IPO के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, कुछ प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में एक्सपोजर के कारण उन पर 900 करोड़ रुपये से अधिक को लेकर कानूनी मामले चल रहे हैं। हालांकि, एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर फैसला प्रमोटर्स के खिलाफ होता है तो क्लेम इतने अधिक नहीं होंगे। प्रमोटर्स को कुछ इक्विटी शेयर्स गिरवी रखने की जरूरत पड़ सकती है। एक और रिस्क मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए फंड की जरूरत का है। प्लांट की लागत का अनुमान वेंडर्स और मैनेजमेंट के अनुमान पर आधारित है और इसका किसी बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन ने मूल्यांकन नहीं किया है। प्लांट के कंस्ट्रक्शन की कॉस्ट बढ़ने की आशंका है।

एक और बिजनेस से जुड़ी मुश्किल कंपनी की बैंकों को कस्टमर्स की ओर से लिए गए लोन के लिए गारंटी है। प्रमोटर्स ने क्रेडिट साइकल में सुधार के लिए यह कदम उठाया था।

प्लास्टिक पाइप्स इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा अधिक है। इस सेगमेंट में ऑर्गनाइज्ड इंडस्ट्री की 60-65 पर्सेंट हिस्सेदारी है। इसमें छह कंपनियां मौजूद हैं। इनमें से किसी कंपनी का मार्केट शेयर 11 पर्सेंट से अधिक नहीं है। प्रिंस पाइप्स का मार्केट शेयर लगभग 5 पर्सेंट है। अन्य बड़ी कंपनियों में फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज, सुप्रीम इंडस्ट्रीज, एस्ट्रल और आशीर्वाद शामिल हैं।

बिजनेस और फाइनेंशियल पोजिशन

प्रिंस पाइप्स इरिगेशन, प्लंबिंग जैसे एरिया में पॉलीमर पाइप की सप्लाई करती है। कंपनी के पास कुल 1,408 डिस्ट्रीब्यूटर हैं। इसका सबसे बड़ा मार्केट देश का उत्तरी क्षेत्र है, जहां से कंपनी को अपने बिजनेस का लगभग 38 पर्सेंट मिलता है।

फाइनेंशियल ईयर 2017 से 2019 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 12.6 पर्सेंट बढ़कर 1,571 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था। इसी अवधि में डेप्रिसिएशन से पहले ऑपरेटिंग प्रॉफिट (एबिट्डा) 6.9 पर्सेंट की वृद्धि के साथ 186 करोड़ रुपये रहा। फाइनेंशियल ईयर 2019 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 83.4 करोड़ रुपये था। कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकल दो वर्ष पहले 78 दिन का था और अब यह घटकर 40 दिन का हो गया है।

वैल्यूएशन

IPO में 23.5 के प्राइस-अर्निंग्स (P/E) के मल्टीपल की डिमांड की जा रही है। फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज, सुप्रीम इंडस्ट्रीज और एस्ट्राल के वैल्यूएशन से तुलना करने पर यह ठीक दिख रहा है। इन कंपनियों का वैल्यूएशन क्रमश: 33, 20 और 73 गुणा है।

Prince Pipes IPO 500 करोड़ का IPO -क्या करना है

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