Pariksha Pe Charcha 2020 - wikifeed
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PM Modi परीक्षा पे चर्चा 2020 live updates: पीएम मोदी ने चंद्रयान-2 के बहाने बताया विफलता से कैसे निपटें?

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Pariksha Pe Charcha 2020 PM narendra modi arrives at Talkatora Stadium in New Delhi पीएम मोदी ने चंद्रयान-2 का उदाहरण देकर छात्रों को बताया कि कैसे विफलता से निपटा जाए।

Narendra Modi • Examination • Chatra • Prime Minister of India • Student

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज यानी सोमवार (20 January) को परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha 2020) किया। तालकटोरा स्टेडियम में पीम मोदी (PM Modi) ने छात्रों (Student) को परीक्षा के तनाव से बचने के कई टिप्स दिए, जिनमें उन्होंने चंद्रयान-2 से लेकर क्रिकेट तक का जिक्र किया। पीएम मोदी ने चंद्रयान-2 ( Chandrayaan-2) का उदाहरण देकर छात्रों को बताया कि कैसे विफलता से निपटा जाए। इससे पहले पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा से पहले प्रदर्शनियों का जायजा लिया। इस कार्यक्रम का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि छात्र तनावमुक्त होकर आगामी बोर्ड एवं प्रवेश परीक्षाएं दें। इस कार्यक्रम में करीब 2,000 छात्रों ने भाग लिया, जिनमें से 1,050 छात्रों का चयन निबंध प्रतियोगिता के जरिए किया गया।

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PM Modi Pariksha Pe Charcha 2020 Tips for Student

  • तकनीक को अपना दोस्त बनाएं- पीएम मोदी
  • पढ़ाई के साथ एक्ट्रा एक्टिविटी के बीच कैसे तालमेल बैठाए?
  • सिर्फ परीक्षा के अंक ही जिंदगी नहीं हैं, बस पड़ाव है- पीएम मोदी
  • परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी ने क्रिकेट का किया जिक्र
  • पीएम मोदी ने चंद्रयान-2 के बहाने बताया विफलता से कैसे निपटें
  • पीएम मोदी- यह दशक आपके और भारत के लिए अहम

तकनीक को अपना दोस्त बनाएं- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि पिछली शताब्दी के आखरी कालखंड और इस शताब्दी के आरंभ कालखंड में विज्ञान और तकनीक ने जीवन को बदल दिया है। इसलिए तकनीक का भय कतई अपने जीवन में आने नहीं देना चाहिए। तकनीक को हम अपना दोस्त माने, बदलती तकनीक की हम पहले से जानकारी जुटाएं, ये जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि स्मार्ट फोन जितना समय आपका समय चोरी करता है, उसमें से 10 प्रतिशत कम करके आप अपने मां, बाप, दादा, दादी के साथ बिताएं। तकनीक हमें खींचकर ले जाए, उससे हमें बचकर रहना चाहिए। हमारे अंदर ये भावना होनी चाहिए कि मैं तकनीक को अपनी मर्जी से उपयोग करूंगा।

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पीएम मोदी ने कहा कि को-करिकुलर एक्टिविटी न करना आपको रोबोट की तरह बना सकता है। आप इसे बदल सकते हैं। हां, इसके लिए बेहतर समय प्रबंधन की आवश्यकता होगी। आज कई अवसर हैं और मुझे आशा है कि युवा इनका उपयोग करेंगे।

पढ़ाई के साथ एक्ट्रा एक्टिविटी के बीच कैसे तालमेल बैठाए?

पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप एक्स्ट्रा एक्टिविटी नहीं करेंगे तो रोबोट बन जाएंगे। क्या हम चाहते हैं कि हमारा यूथ रोबोट बन जाए? नहीं, वे ऊर्जा और सपनों से लबरेज हैं।

सिर्फ परीक्षा के अंक ही जिंदगी नहीं हैं, बस पड़ाव है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ परीक्षा के अंक जिंदगी नहीं हैं। कोई एक परीक्षा पूरी जिंदगी नहीं है। ये एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। लेकिन यही सब कुछ है, ऐसा नहीं मानना चाहिए। मैं माता-पिता से भी आग्रह करूंगा कि बच्चों से ऐसी बातें न करें कि परीक्षा ही सब कुछ है।

Pariksha Pe Charcha 2020 परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी ने क्रिकेट का किया जिक्र

पीएम मोदी ने क्रिकेट से भी छात्रों को उदाहरण दिया। पीएम मोदी PM Modi ने कहा कि 2002 में भारत वेस्टइंडीज में खेलनी गई थी। अनिल को चोट लगी। लोग सोचने लगे। वो बालिंग कर पाएंगे या नहीं। लेकिन उन्होंने तया किया वो खेलेंगे। पट्टी लगाकर वो खेले। उसके बाद लारा का विकेट लिया। इमोशन को मैनेज करने का तरीका सीखना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम विफलताओं मैं भी सफलता की शिक्षा पा सकते हैं। हर प्रयास में हम उत्साह भर सकते हैं और किसी चीज में आप विफल हो गए तो उसका मतलब है कि अब आप सफलता की ओर चल पड़े हो।

पीएम मोदी ने चंद्रयान-2 के बहाने बताया विफलता से कैसे निपटें

पीएम मोदी ने कहा कि चंद्रयान-2 जब सही तरह से लैंड नहीं कर पाया तो आप सब निराश हुए थे। मैं भी निराश हुआ था। मैं आज सीक्रेट बताता हूं। कुछ लोगों ने मुझे बताया था कि मोदी जी आपको उस कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए था। इस कार्यक्रम की निश्चितता नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर यह फेल हो गया तो….इसके बाद मैंने कहा कि इसीलिए तो मुझे जाना चाहिए। मैं उस वक्त वैज्ञानिकों का चेहरा देख रहा था। अचानक मुझे ऐसा लगा कि कुछ तो गलत हुआ है। फिर वैज्ञानिकों ने बताया कि चंद्रयान-2 मिशन फेल हो गया। इसके बाद मैंने वैज्ञानिकों को चिंता न करने की बात कह कर होटल चला गया। लेकिन मैं चैन से नहीं बैठा। सोने का मन नहीं कर रहा था। पीएमओ की टीम अपने कमरे में चली गई थी। मगर मेरा मन नहीं मान रहा था। मैंने फिर सबको बुलवाया। मैंने कहा कि सुबह हम देर से नहीं जाएंगे। क्या ये वैज्ञानिक सुबह आठ बजे-नौ बजे इकट्ठा हो सकते हैं क्या। मैं खुद को नहीं समझा सकता था। इसलिए मैंने सुबह वैज्ञानिकों से मिला। अपने वैज्ञानिकों से भाव व्यक्त किया। उसके बाद माहौल बदल गया। उसके बाद आपने सब देखा जो हुआ। हम विफलताओं मैं भी सफलता की शिक्षा पा सकते हैं। हर प्रयास में हम उत्साह भर सकते हैं और किसी चीज में आप विफल हो गए तो उसका मतलब है कि अब आप सफलता की ओर चल पड़े हो।

राजस्थान की 10वीं की छात्रा का सवाल: मैं इस साल बोर्ड परीक्षा दूंगी, बिना तनाव के मैं कैसे तैयारी करूं

पीएम मोदी का जवाब: मेरा मानना है कि नौजवानों का मूड ऑफ होना ही नहीं चाहिए। क्या हमने कभी सोचा है कि मूड ऑफ क्यों होता है– अपने कारण से या बाहरी परिस्थिति से। ज्यादातर केसों में बाहर की परिस्थितियां ज्यादा जिम्मेवार होती हैं। जैसे आपने मां को कहा कि मैं पढ़ रहा हूं। मां को छह बजे चाय के लिए बोल दिया। मगर आप बीच-बीच घड़ी देखते हैं और चाय का इंतजार करते हैं। इस दौरान आपके अंदर तूफान खड़ा हो जाता है। आपका 15 मिनट समय बर्बाद हो जाता है। आप मां पर गुस्सा करने लगते हैं। आप ये सोचना लगते हैं कि मां क्यों नहीं समझती है कि मेरा समय बर्बाद हो रहा है। फिर आपके मन में विचार आता है कि क्या कुछ मां को हो तो नहीं गया, जिसकी वजह से देर हुई। ऐसी बातों से ही आपका मूड खराब होता है। अपेक्षा रखना छोड़ दीजिए। अपेक्षा पूरी न होने से मूढ खराब हो जाता है।

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परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha) में छात्रों से बोले पीएम मोदी- यह दशक आपके और भारत के लिए अहम

परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी ने कहा कि फिर एक बार आपका ये दोस्त आपके बीच में है। उन्होंने कहा कि मैं सबसे पहले 2020 यानी नये साल की आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं। ये 2020 नया साल है, ऐसा नहीं है, बल्कि यह एक नया दशक है। आपके जीवन में यह दशक जितना अहम है, हिन्दुस्तान के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसका मतलब है कि इस दशक में देश जो भी करेगा, उसमें इस वक्त जो दसवीं-12वीं के विद्यार्थी हैं, उनका सबसे ज्यादा योगदान होगा। यह दशक महत्वपूर्ण बने, नई ऊंचाइयों को पाने वाला, नए संकल्पों और सिद्धियों के साथ आगे बढ़े, ये सब इस पीढ़ी पर ज्यादा निर्भर करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कई ट्वीट में कहा, ‘एक बार फिर से हम परीक्षाओं से जुड़े विषयों, खातसौर पर परीक्षा के दौरान कैसे हम खुश रहे और तनावमुक्त रहे पर गहन चर्चा और जानकारी से परिपूर्ण बातचीत करेंगे। मैं आप सभी को ‘परीक्षा पे चर्चा 2020 में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘परीक्षा पे चर्चा 2020 से पहले लाखों छात्रों, अभिभावकों और बच्चों ने अपने विचार और सलाह दिए है जो बहुत ही मूल्यवान हैं और यह परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे जैसे परीक्षा की तैयारी, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद के वक्त के लिए महत्वपूर्ण हैं।’

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘डिस्कशन ऑन इग्जाम, इग्जामवरियर्स और परीक्षा पे चर्चा उस प्रयास का हिस्सा है जिसमें हम छात्रों को समर्थन देते हैं और उन्हें यह आश्वस्त करते हैं हम सभी उस समय उनके साथ हैं जब वे परीक्षा की तैयारियां कर रहे हैं। आपसे कल परीक्षा पे चर्चा 2020 पर मुलाकात होगी।’

अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम पूर्वाह्न करीब 11 बजे आरंभ होगा और यूट्यूब पर भी इसका प्रसारण किया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उन छात्रों का चयन किया है जो पांच विषयों पर उनके द्वारा प्रस्तुत निबंधों के आधार पर प्रधानमंत्री से सवाल पूछेंगे।

एचआरडी मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। वे इस अनूठे कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री से मूल्यवान सुझाव मिलने को लेकर भी उत्साहित हैं। प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि छात्र तनावमुक्त होकर परीक्षाएं दें ताकि दीर्घकाल में बेहतर परिणाम सुनिश्चित हो सकें।”

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले साल करीब 1.4 लाख छात्रों की प्रविष्टियां देशभर से मिली थीं। इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग 2.6 लाख हो गई है। मोदी ने 2018 में आयोजित ऐसे सत्र में छात्रों के 10 प्रश्नों के उत्तर दिए थे और पिछले साल 16 सवाल लिए थे। पहले इस साल यह सत्र 16 जनवरी को होना था, लेकिन देशभर में विभिन्न त्योहारों की वजह से इसे टाल दिया गया।

 

 

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