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नवरात्र में मां देवी के नौ रुपों को लगाएं ये विशेष भोग…

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चैत्र नवरात्रि Navratri 2019 इन नौ दिनों में मां दुर्गा ने 9 रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। इन दिनों मां की पूजा का बहुत महत्व है। इन दिनों मां को अलग-अलग भोग लगाया जाता है। मां को भोग के रूप क्या पसंद होता है।

Navaratri 2019:  वैसे तो नवरात्र का हर एक दिन बहुत अनमोल, लोकप्रिय और महत्वपूर्ण होता हे माँ अपने भक्तों को इन दिनों में कोई भी कष्ट नहीं देती हे अगर उनकी सही मन और लगाव के साथ व्रत रखा जाए और उनकी पूजा की जाए. navaratri 2019 इन नौ दिनों में मां दुर्गा ने 9 रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, देवी कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और फिर नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की जाती है। इन दिनों मां की पूजा का बहुत महत्व है. इन दिनों मां को अलग-अलग भोग लगाया जाता है और मां को उनका पसंदीदा भोग चढ़ाकर उनका आशीर्वाद पाया जा सकता है।

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navaratri 2019 नौ दिनों में मां दुर्गा ने 9 रूप

  • मां शैलपुत्री की पूजा,
  • मां दुर्गा के ब्रह्माचारिणी की पूजा,
  • मां चंद्रघंटा की पूजा,
  • मां कुष्मांडा की पूजा,
  • मां स्कन्दमाता की पूजा,
  • मां कात्यायिनी की पूजा,
  • मां कालरात्रि की पूजा,
  • मां महागौरी,
  • मां सिद्धिदात्री की पूजा,

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2019) साल में आने वाले इस पहले नवरात्रि (Navratri 2019) की तैयारियां ज़ोरों पर हैं. बाज़ार माता की चुनरियों और सामग्रियों से भरे पड़े हैं. नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व के लिए मंदिर सज चुके हैं.

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है.

मां शैलपुत्री को सफेद चीजों का भोग लगाया जाता है। इस दिन भक्त पीला वस्त्र पहनकर मां को घी चढ़ाते हैं और उनकी अराधना करते हैं।

वरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्माचारिणी रूप में पूजा होती है.

नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्माचारिणी रूप में पूजा की जाती है इस दिन भक्त हरा वस्त्र पहनकर उन्हें शक्कर का भोग लगाते हैं।

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नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की होती है.

आज के दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। मां का यह रूप बेहद ही सुंदर, मोहक और अलौकिक है। चंद्र के समान सुंदर मां के इस रूप से दिव्य सुगंधियों और दिव्य ध्वनियों का आभास होता है. और इस दिन भक्त मां को दूध या खीर चढ़ाते हैं। कहा जाता है ऐसा करने से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है।

चौथा दिन होता है मां कुष्मांडा की पूजा की होती है

नवरात्रि में चौथे दिन देवी को कुष्मांडा के रूप में पूजा जाता है। अपनी मंद, हल्की हंसी के द्वारा अण्ड यानी ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इस देवी को कुष्मांडा नाम से अभिहित किया गया है। जब सृष्टि नहीं थी, चारों तरफ अंधकार ही अंधकार था, तब इसी देवी ने अपने ईषत्‌ हास्य से ब्रह्मांड की रचना की थी। इसीलिए इसे सृष्टि की आदिस्वरूपा या आदिशक्ति कहा गया है। इस दिन मां को मालपुए का भोग लगाया जाता है और नारंगी रंग के वस्त्र पहने जाते हैं। ऐसा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है।
नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कन्दमाता की पूजा की जाती है.

आज मां दुर्गा के पंचम देवी ‘स्कन्दमाता’ रूप का दिन है और इस दिन उनकी पूजा और अर्चना अलग तरीके से की जाती है। कई भक्तजनों को सही विधि पता नहीं है और इसके बारे में भी नहीं पता किपंचम देवी ‘स्कन्दमाता’ को खुश करने के लिए कौन-सा भोग लगाया जाए। तो आज हम आपको बता रहे हैं पंचम देवी ‘स्कन्दमाता’ की पूजन विधि और उनका प्रिय भोग। इस दिन उजला वस्त्र पहनकर शक्ति रूपी मां दुर्गा को केले का भोग लगाया जाता है।

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navaratri 2019 छठे दिन मां कात्यायिनी की पूजा होती है.

नवदुर्गा के छठवें स्वरूप में माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है. माँ कात्यायनी का जन्म कात्यायन ऋषि के घर हुआ था अतः इनको कात्यायनी कहा जाता है. इनकी चार भुजाओं मैं अस्त्र शस्त्र और कमल का पुष्प है , इनका वाहन सिंह है. इस दिन लाल कपड़ा पहनकर मां को शहद का भोग लगाया जाता है। जिससे मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सातवें दिन पूजा की जाती है मां कालरात्रि की.

नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि रूप की पूजा की जाती है. शास्‍त्रों के अनुसार बुरी शक्तियों से पृथ्‍वी को बचाने और पाप को फैलने से रोकने के लिए मां ने अपने तेज से इस रूप को उत्‍पन्‍न किया था. इस दिन नीला वस्त्र पहनकर मां वो गुड़ का भोग लगाया जाता है और ब्राह्मणों को भी दान किया जाता है।

नवरात्र का आठवां दिन होता है मां महागौरी का.

माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं इस दिन गुलाबी वस्त्र पहनकर मां को नारियल का भोग लगाया जाता है। ऐसा करने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है।

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नवरात्र navaratri 2019 के आखिरी यानी नवें दिन मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाती है

श्री दुर्गा का नवम् रूप श्री सिद्धिदात्री हैं। ये सब प्रकार की सिद्धियों की दाता हैं, इसीलिए ये सिद्धिदात्री कहलाती हैं। नवरात्रि के नवम दिन इनकी पूजा और आराधना की जाती है। सिद्धिदात्रीकी कृपा से मनुष्य सभी प्रकार की सिद्धिया प्राप्त कर मोक्ष पाने मे सफल होता है। मार्कण्डेयपुराण में अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व एवं वशित्वये आठ सिद्धियाँ बतलायी गयी है। इस दिन बैंगनी रंग के वस्त्र पहनकर मां को तिल का भोग लगाया जाता है।

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