Karwa Chauth 2020 - wikifeed
Karwa Chauth 2020 - Karwa Chauth Puja Subh Muhurat and Vrat katha
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Karva Chauth 2020: पढ़ें करवा चौथ व्रत से जुड़ी सबसे प्रचलित कथा…साहूकार के सात लड़के

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Karva Chauth 2020: पढ़ें करवा चौथ व्रत से जुड़ी ये मान्यताएं, जाने शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth Puja Subh Muhurat) 4 नवंबर (बुधवार)- शाम 05 बजकर 34 मिनट से शाम 06 बजकर 52 मिनट तक करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त है और चंद्रोदय शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा।

सुहागिन महिलाओं के जीवन में करवाचौथ (karva Chauth) के त्‍योहार का सबसे अधिक महत्‍व होता. इस दिन का वे पूरे साल इंतजार करती हैं. करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth Puja Subh Muhurat and Vrat katha) का हिंदू धर्म में भी विशेष महत्व है. इस व्रत को पति की लंबी उम्र की कामना से रखा जाता है. कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि के दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाता है. इस साल करवा चौथ का व्रत (Karva Chauth Ka Vrat) 4 नवंबर, बुधवार को रखा जाएगा. इस दिन पौराणिक रीति रिवाज के साथ उपवास किया जाता है। कहीं-कहीं इस दिन सुबह सर्योदय से पहले सरगी खाने की भी परंपरा है। सरगी सुबह सवेरे खा ली जाती है। इसके बाद व्रत की कथा पढ़ी जाती है और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।

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करवाचौथ का व्रत कैसे रखे (Karva Chauth Ka Vrat kaise Rakhe)

करवा का अर्थ है मिट्टी का पात्र करवाचौथ (karva Chauth) पर महिलाएं सोलह शृंगार करती है और नया करवा लाकर उसे सजाती है, फिर पूजा करके इस करवा से चन्द्रमा को अर्ध्य देकर ही अपना व्रत तोड़ती है. करवाचौथ के दिन सुबह-सुबह उठ कर इस्नान आदि करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करे और व्रत का संकल्प ले, शाम के वक्त माँ पारवती, भगवान गणेश और शिवजी की कोई फोटो लगाकर उसे आसन पर रखे और साथ ही माँ करवा की फोटो भी रखे. कोरे करवा में जल भरकर करवाचौथ व्रत कथा (Karwa Chauth Puja Subh Muhurat) सुने या पढ़े और माँ पार्वती को सामग्री चढ़ाएं या उनका श्रृंगार करे इसके बाद माँ पारवती, भगवान गणेश और शिवजी की आराधना करे चंद्र उदय के बाद चंद्र की पूजा करे और अर्ध्य दे, पति के हाथ से पानी पीकर या निवाला खाकर ही अपना व्रत खोले, पूजन के बाद सास – ससुर और घर के बड़ो का आशीर्वाद जरूर ले. करवा चौथ व्रत (Karva Chauth Vrat) को लेकर कई मान्यताएं भी प्रचलित हैं, जानिए उनके बारे में…

करवा चौथ (Karva Chauth) की मान्यताएं

  • करवा चौथ व्रत सुहागन स्त्रियां अपने पति के हित के लिए रखती हैं
  • इस दिन व्रत रखकर करवा चौथ की विशेष कथा का पाठ किया जाता है
  • इस दिन व्रती महिलाओं को कैंची और चाकू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और न ही नाखून काटने चाहिए, जो महिलाएं ऐसा करती हैं उनके व्रत का फल नष्ट हो जाता है।
  • इस दिन जीव हत्या करने से पति के जीवन पर संकट आते हैं,
  • करवा चौथ के दिन चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत तोड़ना चाहिए
  • शाम के वक्त भी टूटा हुआ अन्न नहीं खाना चाहिए, मान्यता है व्रत नियम का पालन करने वाली व्रती महिलाओं को सदा सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth Puja Subh Muhurat)

4 नवंबर (बुधवार) को सुबह 3 बजकर 24 मिनट पर कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ हो रहा है. वही चतुर्थी तिथि का समापन 5 नवंबर को सुबह 5 बजकर 14 मिनट पर होगा, (Karwa Chauth Puja Subh Muhurat) करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त 4 नवंबर (बुधवार)- शाम 05 बजकर 34 मिनट से शाम 06 बजकर 52 मिनट तक करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त है। कहा जा रहा है कि चंद्रोदय शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा।

करवा चौथ व्रत से जुड़ी सबसे प्रचलित कथा…साहूकार के सात लड़के और एक लड़की

एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी सहित उसकी सातों बहुएं और उसकी बेटी ने भी करवा चौथ का व्रत रखा। रात्रि के समय जब साहूकार के सभी लड़के भोजन करने बैठे तो उन्होंने अपनी बहन से भी भोजन कर लेने को कहा। इस पर बहन ने कहा- भाई, अभी चांद नहीं निकला है। चांद के निकलने पर उसे अर्घ्य देकर ही मैं आज भोजन करूंगी। साहूकार के बेटे अपनी बहन से बहुत प्रेम करते थे, उन्हें अपनी बहन का भूख से व्याकुल चेहरा देख बेहद दुख हुआ। साहूकार के बेटे नगर के बाहर चले गए और वहां एक पेड़ पर चढ़ कर अग्नि जला दी। घर वापस आकर उन्होंने अपनी बहन से कहा- देखो बहन, चांद निकल आया है। अब तुम उन्हें अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण करो। साहूकार की बेटी ने अपनी भाभियों से कहा- देखो, चांद निकल आया है, तुम लोग भी अर्घ्य देकर भोजन कर लो। ननद की बात सुनकर भाभियों ने कहा- बहन अभी चांद नहीं निकला है, तुम्हारे भाई धोखे से अग्नि जलाकर उसके प्रकाश को चांद के रूप में तुम्हें दिखा रहे हैं।

साहूकार की बेटी अपनी भाभियों की बात को अनसुनी करते हुए भाइयों द्वारा दिखाए गए चांद को अर्घ्य देकर भोजन कर लिया। इस प्रकार करवा चौथ का व्रत भंग करने के कारण विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश साहूकार की लड़की पर अप्रसन्न हो गए। गणेश जी की अप्रसन्नता के कारण उस लड़की का पति बीमार पड़ गया और घर में बचा हुआ सारा धन उसकी बीमारी में लग गया। साहूकार की बेटी को जब अपने किए हुए दोषों का पता लगा तो उसे बहुत पश्चाताप हुआ। उसने गणेश जी से क्षमा प्रार्थना की और फिर से विधि-विधान पूर्वक चतुर्थी का व्रत शुरू कर दिया। उसने उपस्थित सभी लोगों का श्रद्धानुसार आदर किया और तदुपरांत उनसे आशीर्वाद ग्रहण किया। इस प्रकार उस लड़की के श्रद्धा-भक्ति को देखकर एकदंत भगवान गणेश जी उसपर प्रसन्न हो गए और उसके पति को जीवनदान प्रदान किया। उसे सभी प्रकार के रोगों से मुक्त करके धन, संपत्ति और वैभव से युक्त कर दिया।

 

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3 Comments

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  • […] त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है. कल करवा चौथ (karva chauth 2020) है. करवा चौथ पर सुहागिनें महिलाएं निर्जला रहकर अपने पति की लम्बी आयु के लिए पूरा दिन व्रत रखती है. ये उनके लिए सबसे बड़ा दिन होता है. और उनके इस खास दिन को स्पेशल बनाने के लिए पति को भी अपने पत्नी के लिए कुछ विसेष उपहार या गिफ्ट (Karwachauth Gift) देना चाहये। जिसे की पत्निया बहुत खुस हो जाती है. बता दे की करवा चौथ के मौके पर पति द्वारा दिया हुआ गिफ्ट पत्नी को बहुत ज्यादा खुसी होती है. तो जानिए करवा चौथ पर अपनी पत्नी को क्या गिफ्ट दे (Karva Chauth gift ideas) जिससे वो स्पेशल फील करे… यह भी पढ़े – Karva Chauth 2020: पढ़ें करवा चौथ व्रत से जुड़ी सब… […]

  • […] कथा सुनने के बाद अपने पति की लंबी आयु की कामना करें. श्रृंगार की सामग्री का दान करें और अपनी सासू मां से आशीर्वाद लें. केवल सुहागिनें या जिनका रिश्ता तय हो गया है, ऐसी महिलाएं ही ये व्रत रख सकती हैं. इस दिन काले या सफेद वस्त्र धारण न करें. अगर स्वास्थ्य अनुमति नहीं देता तो उपवास न रखें. नींबू पानी पीकर ही उपवास खोलें. व्रत खोलें के बाद मां गौरी को प्रणाम करने के बाद ही श्रृंगार करें. श्रृंगार में सिन्दूर, मंगलसूत्र और बिछिया जरूर पहनें. हाथों पैरों में मेहंदी या आलता लगाए. अगर अर्घ्य देते समय विवाह के समय की चुनरी धारण करें तो अद्भुत परिणाम मिलेंगे. यह भी पढ़े – Karva Chauth 2020: पढ़ें करवा चौथ व्रत से जुड़ी सब… […]

  • […] करवा चौथ उपासना का समय सुबह 6 बजकर 35 मिनट से रात 8 बजकर 12 मिनट तक रहेगा और करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त आज शाम 5 बजकर 34 मिनट से 6 बजकर 52 मिनट तक। यह भी पढ़े – Karva Chauth 2020: पढ़ें करवा चौथ व्रत से जुड़ी सब… […]