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Gandhi Jayanti 2020 Mahatma Gandhi biography in Hindi and 5 biggest mistake of Gandhiji
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Gandhi Jayanti 2020: जानिए महात्मा गाँधी की 5 सबसे बड़ी गलतियों के बारे में जिन्हे बहुत कम लोग ही जानते होंगे

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Gandhi Jayanti 2020: जानिए महात्मा गाँधी (Mahatma Gandhi) की 5 सबसे बड़ी गलतियों के बारे में जिन्हे बहुत कम लोग ही जानते होंगे

महात्मा गाँधी (Gandhi Jayanti 2020) जिन्हे भारत का राष्ट्रीय पिता भी कहा जाता है. महात्मा गाँधी (Mahatma Gandhi) ने पुरे विश्व को अहिंसा और शांति का सन्देश दिया। पर उनसे कुछ गलतिया भी हुई भारी गलतिया जिनका खामियाजा आज पूरा देश भुगत रहा है. तो आज हम आपको बताएंगे (Gandhi Jayanti) महात्मा गाँधी के 5 सबसे बड़ी गलतियों के बारे में जिसे बहुत कम लोग ही जानते होंगे।

Gandhi Jayanti 2020: महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के नाम से मशहूर मोहनदास करमचंद गांधी (Mohandas Karamchand Gandhi) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक नेता थे। सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धान्तो पर चलकर उन्होंने भारत को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इन सिद्धांतों ने पूरी दुनिया में लोगों को नागरिक अधिकारों एवं स्वतन्त्रता आन्दोलन के लिये प्रेरित किया। उन्हें भारत का राष्ट्रपिता भी कहा जाता है। सुभाष चन्द्र बोस ( Subhash Chandra Bose) ने वर्ष 1944 में रंगून रेडियो से गान्धी जी (Gandhiji) के नाम जारी प्रसारण में उन्हें ‘राष्ट्रपिता’ कहकर सम्बोधित किया था। तो जानिए महात्मा गाँधी 5 सबसे बड़ी गलतियों के बारे…(Mahatma Gandhi biography in Hindi)

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महात्मा गाँधी की 5 सबसे बड़ी गलती (5 Biggest mistake of Mahatma Gandhi)

  • पहली गलती नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को कांग्रेस से बहार करना
  • दूसरी गलती शाहिद भगत सिंह पर की फाँसी पर नरम रुख
  • तीसरी गलती नेहरू को प्रधान मंत्री के रूप में पेश करना
  • चौथी गलती 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन वापस लेना
  • पाँचवी गलती महात्मा गाँधी जी की विवादित निजि जिंदगी

1):- पहली गलती नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को कांग्रेस से बहार करना

Gandhi Jayanti 2020 – पहली गलती नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को कांग्रेस से बहार करना यदि देखा जाये तो महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस दोनों ही देश को आजाद करना चाहते थे. पर दोनों के विचार नहीं मिलते थे वर्ष 1939 में नेशनल कांग्रेस के अध्‍यक्ष चुनाव के समय नेता जी बीमार हो गए और गाँधी जी ने इसी बात का फायदा उठा कर अपने उम्मीदवार के रूप में सीतारमैया को खड़ा कर दिया लेकिन इसके बावजूद नेताजी ने सीतारमैया को बहारी वोटो से हरा दिया। कहा जाता है की उस समय कांग्रेस लीडर की शिप महात्मा गाँधी के बजाए नेताजी के समर्थन में थी. इस बात की भनक जब गाँधी जी को लगी तो उन्होंने राजनीति के दाव-पेश खेलकर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को कांग्रेस से बहार करा दिया। जिस के कारण सुभाष चन्द्र बोस ने जापान में जाकर आजाद हिन्द फौज का गठन करना पड़ा.

2):- दूसरी गलती शाहिद भगत सिंह पर की फाँसी पर नरम रुख

Gandhi Jayanti 2020 – दूसरी गलती शाहिद भगत सिंह पर की फाँसी पर नरम रुख. महात्मा गांधी ने भगत सिंह के केश पर कभी गंभीरता दिखाई ही नहीं। यादि गांधी जी चाहते तो भगत सिंह और उनके दोनों साथी सुखदेव और राजगुरु को फांसी को रोक सकते थे. गांधी जी (Gandhiji) ने भगत सिंह को लेकर तत्कालीन गुवाये शराय को केवल एक पत्र लिखा जिसमे उन्होंने लिखा: “की मृत्यु दण्ड एक असाध्य क्रिया है. यादि इसमें कोई कही से भी गुंजाईश है तो में आप से विनती करता हूँ कृपिया इस फैसले को पुनः समीक्छा कर निलम्बित किया जाये” पत्र की भाषा से ही आप अंदाजा लगा सकते है की गाँधी जी शाहिद भगत सिंह की फाँसी को रोकने के लिए कितने गंभीर थे. यदि गाँधी जी चाहते तो फाँसी के खिलाप आंदोलन कर सकते थे या फिर उन लोगो का साथ दे सकते थे जो भगत सिंह और उनके साथियो के फाँसी के विरोध में शांति पूर्ण आंदोलन कर रहे थे. पर उन्होंने सिर्फ पत्र लिखने और विनती करने के अलावा कुछ भी नहीं किया।

3):- तीसरी गलती नेहरू को प्रधान मंत्री के रूप में पेश करना

Gandhi Jayanti 2020 – तीसरी गलती नेहरू को प्रधान मंत्री के रूप में पेश करना यदि बात की जाये राजगोपाल चारि जैसे क्रांति करियो द्वारा लिखे गए लेखकों की तो उसे ज्ञात होता है की उस समय कांग्रेस ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री के पद पर पुरे देश की नजर सरदार बलम भाई पटेल पर थी. परन्तु महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) जी ने नेहरू को प्रधान मंत्री के पद पर बैठा दिया और वो भी केवल अपनी जिद के कारण और इतिहास घवा है की नेहरू के प्रधानमंत्री के पद पर बैठते ही जन्म लिया एक वंश वाद ने जोकि अब तक भारत का पीछा नहीं छोड़ रहा.

4):- चौथी गलती 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन वापस लेना

Gandhi Jayanti 2020- चौथी गलती 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन वापस लेना महात्मा गन्दी की सबसे बड़ी गलती थी जिसे आज भी पूरा देश भुगत रहा है. 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से ये साफ हो गया था की जल्द ही ब्रिटश सरकार घुटने को टेक कर भारत को आजाद करने वाली है. इस खतरे को भाप कर अंग्रेजो ने चाल चली और उन्होंने गाँधी जी के सामने एक प्रस्ताव रखा की भारत छोड़ो आंदोलन को वापस लेकर यदि उस समय चल रहये सेकण्ड वर्ल्ड वॉर में भारत ब्रिटेन का साथ देता है तो भारत को यूद्ध खत्म होने बाद भारत को आजाद कर दिया जायेगा गाँधी जी ने उनके इस प्रस्ताव तो तुरन्त मान लिया और भारत छोड़ो आंदोलन वापस ले लिया इसी बीच 5 वर्षो में अंग्रेजो जो ने अपने सहयोग से मुस्लिम लीक को मजबूत कर दिया और ब्रेटिस जाते-जाते भारत को दो टुकड़ो में बाठ गए. यदि महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) भारत छोड़ो आंदोलन वापस नहीं लेते तो भारत के दो विभाजित भागो में नहीं बठ था.

5):- पाँचवी गलती महात्मा गाँधी जी की विवादित निजि जिंदगी

Gandhi Jayanti 2020 – पाँचवी गलती महात्मा गाँधी (Mahatma Gandhi) जी की विवादित निजि जिंदगी सत्य के साथ अपने प्रयोग के लिए गाँधी जी अपने कमरे में कुंवारी लड़कियों के साथ नगन सोते थे. जिसका जिक्र उन्होंने अपनी किताब में भी किया है. सरदार पटेल ने इस बारे में गाँधी जो को एक पत्र लिख कर उनके इस प्रयोग को भयंकर भूल बताते हए इसे रोकने को कहा था. ब्रह्म चरय की प्रयोग भी महात्मा गाँधी जी की उसी हट धार्मिकता और अतिवाद का परिणाम थे जहा वो अपनों को अपने ही नजर में विजय घोषित देखने के लिए स्त्री का वस्तु की भाती उपयोग करते थे. तो दोस्तों ये थी महात्मा गाँधी की 5 सबसे बड़ी गलतियों।

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