Festival Of This Week - wikifeed
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जाने इस सप्ताह के व्रत त्योहार 4 से 10 मार्च कब है – फाल्गुनी अमावस्या और फुलेरा दूज

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जाने इस सप्ताह के व्रत त्योहार 4 से 10 मार्च कब है – फाल्गुनी अमावस्या और फुलेरा दूज

Festival Of This Week: इस सप्ताह का शुभारंभ फाल्गुन के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और महाशिवरात्रि Mahashivratri जैसे अत्यन्त पवित्र एवं शुभ दिन के साथ हो रहा है। यह कृष्ण पक्ष दो दिन बाद ही यानी 6 मार्च को समाप्त हो जाएगा और तदुपरान्त 7 मार्च से फाल्गुन का शुक्ल पक्ष आरंभ हो जाएगा।

Maha Shivratri 2019 - wikifeed

4 मार्च को ही यानी महाशिवरात्रि Mahashivratri वाले दिन ही पंचक भी लग रहे हैं जो 9 मार्च को समाप्त हो जाएंगे। प्रयाग में विगत 15 जनवरी से आरंभ हुआ कुंभ का पर्व भी महाशिवरात्रि वाले दिन 4 मार्च को अंतिम स्नान के साथ संपन्न हो जाएगा। इस सप्ताह महाशिवरात्रि, फाल्गुनी अमावस्या, फुलेरा Phalguni amavasya, Phulera Duj दूज आदि का आयोजन किया जाएगा।

4 मार्च आज है महाशिवरात्रि: Mahashivratri

ऐसी मान्यता है कि जिस तिथि के जो देवता स्वामी होते हैं उस देवता का उस तिथि में व्रत, पूजन, अर्चन और स्तवन करने से उस देवता की विशेष कृपा उपासक को प्राप्त होती है। भगवान शिव को चतुर्दशी तिथि का स्वामी माना जाता है और ईशान संहिता में कहा गया है कि भगवान् शिव फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि वाले दिन ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रगट हुए थे।

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Maha Shivratri 2019 - wikifeed

इसीलिए इस तिथि वाले दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाने लगा। लेकिन इसके अलावा भी कुछ अन्य किंवदंतियां महाशिवरात्रि के विषय में प्रचलित हैं। एक कथा के अनुसार इस दिन सागर मंथन हुआ था और कालकेतु विष निकला था। उस समय भगवान शिव ने संपूर्ण ब्रह्मांड की रक्षा करने के लिए स्वयं ही पूरा विष पी लिया था। इस कारण उनका पूरा कंठ नीला हो गया था। विषपान के बाद से ही उन्हें नीलकंठ की संज्ञा दी गई। कुछ अन्य किंवदंतियों में इस दिन को शिव पार्वती के विवाह के रूप में भी मनाने की परंपरा रही है।

6 मार्च को है फाल्गुनी अमावस्या: Phalguni amavasya

अमावस्या वाले दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में और समान अंशों पर स्थित होते हैं। इसके अतिरिक्त अमावस्या वाले दिन चंद्रमा का उजला वाला भाग सूर्य की ओर होता है जिस कारण पृथ्वी पर इसकी रौशनी नहीं आती। अमावस्या को शास्त्रों में दान, तर्पण और पवित्र नदियों में स्नान के लिये विशेषरूप से फलदायी बताया गया है।

8 मार्च को है फुलेरा दूज: Phulera Duj

फुलेरा दूज का उत्सव बसंत पंचमी और होली के बीच में मनाया जाता है। भगवान कृष्ण को समर्पित यह उत्सव विशेषरूप से वृंदावन और मथुरा में मनाया जाता है। इस दिन मथुरा में भगवान कृष्ण के मंदिरों में विशेष पूजन और अर्चन किया जाता है। इस दिन किसी व्रत का विधान तो नहीं बताया गया है, लेकिन भगवान् कृष्ण और उनकी लीलाओं का मथुरा के सभी मंदिरों में गान किया जाता है।

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इसे फाल्गुन मास का सबसे शुभ दिन माना जाता है। पूरे ब्रज में इस दिन बहुत सी शादियां होती हैं क्यांकि वहां पर इस दिन को बहुत शुभ माना जाता है और इस दिन बिना किसी मुहूर्त के ही विवाह आदि कई शुभ काम किए जाते हैं। इस दिन के बाद से लेकर होली तक कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है।

 

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