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जम्मू कश्मीर से बड़ी खबर, महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से मिलाया हाथ

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जम्मू कश्मीर से बड़ी खबर, महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से मिलाया हाथ…

जम्मू कश्मीर से बड़ी खबर. जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने की तैयारी हो रही है. कांग्रेस, पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच गठबंधन हो रहा है. पीडीपी नेता अल्ताफ बुखारी ने कहा कि विपक्षी दलों के 60 विधायक साथ आए. कश्मीर के स्पेशल स्टेटस, धारा 370 और 35(ए) को बचाने के लिए सभी साथ आए. बुखारी ने कहा कि कल तक अच्छी खबर मिलेगी.

 Big news from Jammu Kashmir - wikifeed

अल्ताफ बुखारी ने कहा कि बीजेपी को किनारे रखकर हम एक साथ मिलकर सरकार बनाएंगे. इसका अर्थ यह हुआ कि अबकी बार कश्मीर में नए गठबंधन की सरकार बनाने की कोशिश हो रही है.

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला की पार्टी ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाया. बता दें कि बीजेपी ने पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया था, जिसकी वजह से महबूबा मुफ्ती की सरकार गिर गई थी. कश्मीर घाटी के हालात में सुधार नहीं होने के लिए बीजेपी ने पीडीपी पर ठीकरा फोड़ा था.

हालांकि, बताया जा रहा है कि पीडीपी बाहर से समर्थन देगी. बता दें कि जून में जम्मू-कश्मीर में आए सियासी संकट के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तत्काल प्रभाव से जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू करने को मंजूरी दे दी थी. भारतीय जनता पार्टी ने महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी से गठबंधन तोड़ सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था, जिसके बाद वहां सियासी संकट के हालात पैदा हो गये थे. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी ने लगे हाथ राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर दी. बता दें कि जम्मू- कश्मीर में छह साल का कार्यकाल होता है और वहां पर राष्ट्रपति के बदले राज्यपाल शासन लागू होता है.


(Source twit by ANI)

हालांकि, एनसी-पीडीपी के संभावित गठबंधन पर पीडीपी के सांसद, मुजफ्फर बैग ने कहा कि जम्मू कैसे रिएक्ट करेगा? यह पूरी तरह से मुस्लिम गठबंधन है, लद्दाख कैसे रिएक्ट करेगा? ऐसी गैर-जिम्मेदाराना बातचीत से जम्मू और कश्मीर में मुश्किलें बढ़ेंगी. लद्दाख, जम्मू उस राज्य का हिस्सा नहीं रहेगा जिसपर किसी एक समुदाय का शासन हो.

कांग्रेस, नेशलन कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के बीच गठबंधन पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम पार्टियों का यह कहना था कि क्यों ना हम इकट्ठे हो जाए और सरकार बनाए. अभी वो स्टेज सरकार बनने वाली नहीं है, एक सुझाव के तौर पर बातचीत चल रही है.


(Source twit by ANI)

राज्य में 87 सदस्यीय विधानसभा के लिए 2015 में हुए चुनाव में बीजेपी को 25, पीडीपी को 28, नेशनल कांफ्रेंस को 15, कांग्रेस को 12 और अन्य को सात सीटें मिली थीं. सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को बहुमत के लिए 44 सीटें चाहिए.

1 मार्च, 2015 को सत्तासीन हुए सईद का जनवरी, 2016 में देहावसान होने के कारण सरकार फिर संकट में आ गई, और राज्य में एक बार फिर गवर्नर शासन लगाना पड़ा. बीजेपी पर ये आरोप भी लग रहे थे कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने ये फ़ैसला लिया ताकि घाटी में बढ़ रही आतंकी घटनाओं को लेकर केंद्र की छवि ख़राब न हो. इसलिए सीज़फ़ायर ख़त्म करने के बाद तुरंत गठबंधन तोड़ दिया. लेकिन इस गठबंधन पर सवाल हमेशा उठते रहे. दोनों दलों ने कई मुश्किल मुकाम पार भी किए. लेकिन अब ऐसा क्या हो गया कि बीजेपी ने बिना बताए पीडीपी का साथ छोड़ दिया.

जम्मू कश्मीर विधानसभा

  • कुल 87 सीटें
  • पीडीपी- 28
  • बीजेपी-25
  • नेशनल कॉन्फ्रेंस-15
  • कांग्रेस-12
  • जेकेपीसी-2
  • सीपीएम-1
  • जेकेपीडीएफ़-1
  • निर्दलीय-3
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